छह महीने पहले ही हो जाता है अपनी मौत का अहसास,ये लक्षण बताते हैं कि कब आएगी मौत

 


हर व्यक्ति की यह जिज्ञासा होती है कि मौत कैसे होती है। उसकी खुद की मौत का क्या उसे पहले से ही अहसास हो जाएगा।

वैज्ञानिक शोधों, मनोविश्लेषण, धर्म शास्त्रों, पुराणों आदि में मौत के पूर्व संकेतों को बताया गया है।
यह सामान्य तथ्य सामने आया है कि लगभग सभी व्यक्तियों को मौत का अहसास मरने से छह माह पूर्व ही हो जाता है।
मनुष्य को विकसित होने में 9 माह लगते हैं लेकिन मिटने में छह माह ही लगते हैं। भारतीय योग तो हजारों साल से कहता आया है कि मनुष्य के स्थूल शरीर में कोई भी बीमारी आने से पहले आपके सूक्ष्म शरीर में छः माह पहले आ जाती है यानी छः माह पहले अगर सूक्ष्म शरीर पर ही उसका इलाज कर दिया जाए तो बहुत.सी बीमारियों पर विजय पाई जा सकती है।
-ओशो
माना यह भी जाता है कि इस अंधेरा छा जाने वाले रोग के कारण उस चांद में भी दरार जैसा नजर आता है। यह उसे लगता है कि चांद दो टुकड़ों में है,जबकि ऐसा कुछ नहीं होता।

Comments

Popular posts from this blog

लॉकडाउन के बाद क्या 4 मई से ट्रेनें चलेंगी? बुधवार की बैठक में हो सकता है फैसला

सीएम योगी ने 15 दिन में कोरोना को हराया, जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर सभी को. धन्यवाद कहा

आज दिन में पंचायत के अटौली गाँव में बजरंग क्रिकेट मैच के उद्धघाटन कार्यक्रम में भावी मुखिया प्रत्यासी कुँज मेगा मार्ट पप्पू सिंह शामिल हुए। साथ ही बच्चो को उत्साह भी दिलाये।