✍ये कुछ लाईन का कविता आप सबके लिये✍ 👨💻 2020 अब ना जाने का का देखाई ई नाही बुझता,
अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , दिन पर दिन लोगवा के रहन बिगरल जाता, अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , आईल एगो अइसन विमारी लोगवा के लोगवा से टूट गईल नाता, अब ई दूनियाँ के का होई ये विधाता , बर बुजुर्ग के दिहल संस्कार सभे भुलाईल जाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , केतना लोग मेहरि के कहाला पर माँई बाप से तुर लिहलन नाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये विधाता , नीम पकरी के पेड़ जऊन गाऊवा में रहे ऊ अब नाही दिखता , अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , हमारा त इ विमारी पर्यावरण के काऊनो चैलेंज बुझाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , एगो भाई आपना लोभ के चलते भाई के दुशमन बनल जाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , दिन पर दिन गरीब के हक मारल जाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये वीधाता , कोरोना के चलते बंद भईल सारा कंपनी अब ई पुरा दुनियाँ किसान पर निर्भर भईल ईहे बुझाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये विधाता , दूनियाँ के डूबत नईया जवान,किसान,डॉक्टर बचाई ईहे बुझाता , अब ई दूनियाँ के का होई ये विधाता , 2020 अब ना जाने का क...