मशरक में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य्य को दिया पहला अर्घ्य* मशरक क्षेत्र में केरवा के पात पर उगे ले सूरज देव के पावन गीत के साथ ही छठ पर्व की गीत की धूम मची* क्षेत्र की मां बहने लगातार छठ पर्व का गीत गाकर छठ पर्व को सफल बनाने में व्यस्त है।*


मशरक में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य्य को दिया पहला अर्घ्य,,मशरक क्षेत्र में केरवा के पात पर उगे ले सूरज देव के पावन गीत के साथ ही छठ पर्व की गीत की धूम मची* 

क्षेत्र की मां बहने लगातार छठ पर्व का गीत गाकर छठ पर्व को सफल बनाने में व्यस्त है।*

मशरक में छठ व्रतियो ने चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य्य को पहला अर्घ्य दिया। मशरक प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के पानी आ जाने से ज्यादात्तर छठघाटों पर छठ व्रती घाट पर नही पहुंच पाए। वे लोग अपने घरों व दरवाज़े पर ही अर्घ्य दिया। क्षेत्र में केरवा के पात पर उगे ले सूरज देव के पावन गीत के साथ ही छठ पर्व की गीत की धूम मची है। मशरक क्षेत्र में जोरो पर है। नहाय-खाय के साथ ही यह अनुष्ठान शुरू हो गया था। क्षेत्र की मां बहने लगातार छठ पर्व का गीत गाकर छठ पर्व को सफल बनाने में व्यस्त है। मशरक, डुमरसन, बड़वाघाट, अरना, कवलपुरा,  चैनपुर,  चरिहारा,  सोनौली,  खजूरी, चैनपुर चमरिया, मदारपुर,  बहरौली,  मशरक तख़्त, गंगौली,  देवरिया सहित दर्जनों गांवों में छठ व्रतियो ने अर्घ्य दिया। मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा।

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